Shatru Ko Parasat Karne Ke Upay

Shatru Ko Parasat Karne Ke Upay
Shatru Ko Parasat Karne Ke Upay , ” Kabhi Kabhi Jeevan Mein Ek Samay Hota Hai Ki Ek Shaktishaali Vyakti / Dushman Kisi Ko Anaavashyak Roop Se Pareshaan Karana Shuroo Kar Deta Hai. Koi Bhi Usase Door Peechha Karata Hai, Vah Aur Bhi Pareshaan Ho Jaata Hai. Is Vajah Se, Vyakti Jeevit Aatma Ban Jaata Hai, Bhay Ka Bhay, Chinta Aur Asuraksha Har Samay Hoti Hai.
Yah Kisi Bhi Laabh Ki Shikaayat Ya Shikaayat Bhi Nahin arata Hai. Anaavashyak Dhan Ka Nukasaan Bhi Hota Hai, Svaasthy Kharaab Ho Jaata Hai, Man Ek Agyaat Dar Se Bhara Hota Hai.

Shatru Ko Parasat Karne Ke Upay

यदि कोई व्यक्ति किसी को बगैर किसी को अकारण ही परेशान कर रहा हो, तो शौच करते समय शौचालय में बैठे-बैठे वहीं के पानी से उस व्यक्ति का नाम लिखें और बाहर निकलने से पहले जिस जगह पर पानी से नाम लिखा था, उस स्थान को अपने बाएं पैर से तीन बार ठोकर मारें। लेकिन यह प्रयोग किसी बुरी भावना से न करें, अन्यथा खुद की हानि हो सकती है।

शत्रु को शांत करने के लिए साबुत उड़द की काली दाल के 38 और चावल के 40 दाने मिलाकर किसी गड्ढे में दबा दें और उसके ऊपर नीबू को निचोड़ दें। नीबू निचोड़ते समय लगातार उस शत्रु का नाम लेते रहें, इस उपाय से जैसा भी शत्रु होगा वह बिलकुल निस्तेज जो जायेगा और वह आपका कोई भी अहित नहीं कर पायेगा ।

अगर शत्रु पीछे पड़ा हो, किसी को बिना किसी कारण से परेशान कर रहा हो तो हनुमान जी की शरण में जाएँ । नित्य हनुमान जी को गुड़ या बूंदी का भोग लगाएं, हनुमान जी को लाल गुलाब चढ़ाकर हनुमान चालीसा , बजरंग बाण का पाठ करें और प्रतिदिन कच्ची धानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें , और अपने उनसे शत्रु को नष्ट करने / परास्त करने की प्रार्थना करें। अपनी कमीज़ की सामने वाली जेब में लाल रंग की छोटी हनुमान चालीसा रखें ,इससे संकटमोचन की कृपा से सभी तरह के अनिष्ट दूर होते है, मनोबल बढ़ता है, जातक निर्भय हो जाता है, नए और शक्तिशाली मित्र बनते है। शत्रु कुछ भी नहीं बिगाड़ पाता है और शांत हो जाता है।

शत्रुनाश के उपाय

यदि शत्रु बहुत अधिक परेशान कर रहा हो तो एक मोर के पंख पर हनुमान जी के मस्तक के सिन्दूर से मंगलवार या शनिवार रात्री में उस शत्रु का नाम लिख कर अपने घर के मंदिर में रात भर रखें फिर प्रातःकाल उठकर बिना नहाये धोए उस मोर पंख को बहते हुए पानी में बहा देने से शत्रु शान्त हो जाता है ।

यदि कोई व्यक्ति किसी को बगैर किसी कारण के परेशान कर रहा हो तो शनिवार की रात्रि में 7 लौंग लेकर उस पर 21 बार उसका नाम लेकर फूंक मारें और अगले दिन रविवार को इनको आग में जला दें। यह प्रयोग लगातार 7 बार करने से अभीष्ट व्यक्ति का वशीकरण होता है अगर कोई शत्रु परेशान कर रहा हो तो वह शांत हो जाता है । लेकिन ध्यान दें कि यह प्रयोग किसी बुरी भावना से अथवा किसी का अहित करने के लिए कदापि नहीं करना चाहिए ।

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